ATS रिज्यूमे चेकर – मुफ्त तुरंत स्कोर
क्या आपका रिज्यूमे ATS स्क्रीनिंग पास करता है?
मुफ्त में रिज्यूमे बनाएं →ATS क्या होता है?
ATS (Applicant Tracking System) एक सॉफ्टवेयर है जिसे बड़ी कंपनियां रिज्यूमे को ऑटोमेटिकली फ़िल्टर करने के लिए इस्तेमाल करती हैं। Infosys, TCS, Wipro, HCL, Amazon India, Flipkart जैसी बड़ी कंपनियां ATS का उपयोग करती हैं। रिसर्च के अनुसार, 75% से ज्यादा रिज्यूमे ATS स्क्रीनिंग में ही रिजेक्ट हो जाते हैं, इंसान के पास पहुंचने से पहले।
ATS कैसे काम करता है?
- कीवर्ड मिलान: सिस्टम देखता है कि जॉब डिस्क्रिप्शन के कीवर्ड आपके रिज्यूमे में हैं या नहीं
- फॉर्मेट पढ़ना: ATS टेक्स्ट को पढ़ता है। टेबल, टेक्स्ट बॉक्स, इमेज में लिखे शब्द नहीं पढ़ पाता
- जानकारी की पूर्णता: Contact info, अनुभव, शिक्षा - सब होना जरूरी है
- अनुभव की प्रासंगिकता: आपका अनुभव नौकरी की जरूरत से मेल खाता है या नहीं
ATS के लिए रिज्यूमे कैसे बनाएं
- जॉब पोस्टिंग से कीवर्ड निकालें: जॉब डिस्क्रिप्शन पढ़ें और उन कीवर्ड्स को अपने रिज्यूमे में स्वाभाविक तरीके से शामिल करें
- सिंपल फॉर्मेट इस्तेमाल करें: टेबल, ग्राफिक्स और टेक्स्ट बॉक्स से बचें
- स्टैंडर्ड फॉन्ट यूज़ करें: Arial, Calibri, Times New Roman - ये सबसे ज्यादा कम्पेटिबल हैं
- PDF फॉर्मेट में सेव करें: टेक्स्ट-बेस्ड PDF, स्कैन नहीं
- हेडर/फुटर में महत्वपूर्ण जानकारी न रखें: कुछ ATS सिस्टम हेडर-फुटर नहीं पढ़ते
CVBuilder का ATS चेकर
- अपना रिज्यूमे अपलोड करें या CVBuilder में बनाएं
- जॉब डिस्क्रिप्शन पेस्ट करें (वैकल्पिक)
- तुरंत 0-100 स्कोर पाएं
- मिसिंग कीवर्ड और सुधार के सुझाव देखें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्र: क्या सभी कंपनियां ATS यूज़ करती हैं?
उ: बड़ी और मल्टीनेशनल कंपनियां ज्यादातर ATS यूज़ करती हैं। छोटी कंपनियां शायद नहीं करतीं, लेकिन ATS-अनुकूल रिज्यूमे हमेशा बेहतर होता है।
प्र: ATS स्कोर कितना होना चाहिए?
उ: 80+ स्कोर को बेहतरीन माना जाता है। 60-79 ठीक है लेकिन सुधार की गुंजाइश है। 60 से नीचे का मतलब है कि रिज्यूमे में बड़े बदलाव जरूरी हैं।